केसे पायें बवासिर से छुटकारा ?(kaise paayen bavasir se chhutkara)-
केसे पायें बवासिर से छुटकारा ?
बवासिर के कारण -
यह रोग मुख्य रुप से कब्ज के कारण होता है ! जिन लोगों को लंबे समय तक कब्ज की शिकायत होती है उन लोगों को बवासिर हो जाता है ! बवासिर जिसको होता है मल बडी कठिनाइ से निकलता है ! और निकलता भी है तो साथ मे खुन भी आता है!
अधिक तेल मसाले और तीखे खाने से ये रोग बड़ता है !
बवासिर मे क्या सव्धनिया रखनी चाहिये -
जिसको बवसिर हो उसे तेल मसाले और तीखे खट्टे खाने से परहेज रखना चाहिये ! और हरी सब्जी ज्यादा खाना चाहिये !
बवासिर के प्रकार -
1) खुनी बवासिर
2) बादी बवासिर
बवासिर के लिये घरेलू उपाये -
1) सुबह खाली पेट पके हुए बीज वाले अमरूद खाने से लाभ होता है !
2) 1 चम्मच मेथी दाना 300 मिलीलिटर दूध मे पकाये उसमे एक चम्मच पिसि हल्दीऔर एक चुटकी काला नमक भी मिला दें! ठंडा होने पर इसका सेवन करें!
3) आवलें का चुरन एक तोला शहद के साथ सुबह शाम लेने से लाभ होगा!
4) एक चम्मच अनार का चुरन दिन मे तीन बार पानी के साथ लेने से लाभ होगा !
5) अनार की छाल का काडा बना के उसमे मिस्री और एक सोठं मिला कर पियें!
6) आवलें का चुरन दही के साथ खाने से लाभ होगा!
7) हल्दी और कड़वी तोराइ पीस कर मस्सो पर लगाने से लाभ होगा!
8) ताजे माखन मे थोडी फिटकरी और पिसी हुई हरड़ मिला कर मस्सो पर लगाने से लाभ होगा!
9) तम्बाकू के पत्तो की महीन चटनी बना कर मस्सो पर लगाये!
10) निम और कनेर की पत्तियो को पीस कर मस्से पर लगाइये!
11) कशिफल का तेल सभी तरह के बवासिर मे फयदा करता है!
12) केरले के रस मे मिश्री मिला कर सुबह शाम पीने से लाभ होगा!
13) इमली के बीज को भुन कर उसके छिलके निकाल कर पीस लें उसे दही के साथ सुबह खाने से लाभ होगा!
14) गाजर और पालक का रस समान मात्रा मे मिला कर पीने से बवासिर खतम हो जाती है!
15) छोटी पिपली का चुरन शहद के साथ खाने से फयदा होता है !
16) बडी इलायची को जला कर उसका चुरन बना कर सुबह दोपहर शाम को पानी से लेने से आराम मिलता है !
17) सुबह शाम बकरी का दूध पीने से भी लाभ होता है !
18) प्याज के रस मे घी और मिश्री मिला कर खाने से लाभ होता है !
19) हरड़ का पावडर गुड़ के साथ खाने से लाभ होता है !
20) काले तिल और मख्खन समान मात्रा मे खाने से बवासिर खतम होती है !
और अधिक जानकारी के लिये हमारी पिछली पोस्ट पढे!
Not-
किसी भी ओषधि के सेवन से पूर्व किसी वैद या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। सभी मनुष्य की शारीरिक प्रकृति अलग अलग होती है। और औषधि मनुष्य की प्रकृति के अनुसार दी जाती है यह वेबसाइट किसी को भी बिना सही जानकारी के औषधि सेवन की सलाह नही देती अतः बिना किसी वैद की सलाह के किसी भी दावाई का सेवन ना करें।
महिलाओ के गुप्त रोगों की जानकारी और आयुर्वेदिक नुस्खो की जानकारी के लिये इस लिंक पर क्लिक करें -
Aayurvaidice.blogspot.com
onnihealhcare.blogspot.com
बवासिर के कारण -
यह रोग मुख्य रुप से कब्ज के कारण होता है ! जिन लोगों को लंबे समय तक कब्ज की शिकायत होती है उन लोगों को बवासिर हो जाता है ! बवासिर जिसको होता है मल बडी कठिनाइ से निकलता है ! और निकलता भी है तो साथ मे खुन भी आता है!
अधिक तेल मसाले और तीखे खाने से ये रोग बड़ता है !
बवासिर मे क्या सव्धनिया रखनी चाहिये -
जिसको बवसिर हो उसे तेल मसाले और तीखे खट्टे खाने से परहेज रखना चाहिये ! और हरी सब्जी ज्यादा खाना चाहिये !
बवासिर के प्रकार -
1) खुनी बवासिर
2) बादी बवासिर
बवासिर के लिये घरेलू उपाये -
1) सुबह खाली पेट पके हुए बीज वाले अमरूद खाने से लाभ होता है !
2) 1 चम्मच मेथी दाना 300 मिलीलिटर दूध मे पकाये उसमे एक चम्मच पिसि हल्दीऔर एक चुटकी काला नमक भी मिला दें! ठंडा होने पर इसका सेवन करें!
3) आवलें का चुरन एक तोला शहद के साथ सुबह शाम लेने से लाभ होगा!
4) एक चम्मच अनार का चुरन दिन मे तीन बार पानी के साथ लेने से लाभ होगा !
5) अनार की छाल का काडा बना के उसमे मिस्री और एक सोठं मिला कर पियें!
6) आवलें का चुरन दही के साथ खाने से लाभ होगा!
7) हल्दी और कड़वी तोराइ पीस कर मस्सो पर लगाने से लाभ होगा!
8) ताजे माखन मे थोडी फिटकरी और पिसी हुई हरड़ मिला कर मस्सो पर लगाने से लाभ होगा!
9) तम्बाकू के पत्तो की महीन चटनी बना कर मस्सो पर लगाये!
10) निम और कनेर की पत्तियो को पीस कर मस्से पर लगाइये!
11) कशिफल का तेल सभी तरह के बवासिर मे फयदा करता है!
12) केरले के रस मे मिश्री मिला कर सुबह शाम पीने से लाभ होगा!
13) इमली के बीज को भुन कर उसके छिलके निकाल कर पीस लें उसे दही के साथ सुबह खाने से लाभ होगा!
14) गाजर और पालक का रस समान मात्रा मे मिला कर पीने से बवासिर खतम हो जाती है!
15) छोटी पिपली का चुरन शहद के साथ खाने से फयदा होता है !
16) बडी इलायची को जला कर उसका चुरन बना कर सुबह दोपहर शाम को पानी से लेने से आराम मिलता है !
17) सुबह शाम बकरी का दूध पीने से भी लाभ होता है !
18) प्याज के रस मे घी और मिश्री मिला कर खाने से लाभ होता है !
19) हरड़ का पावडर गुड़ के साथ खाने से लाभ होता है !
20) काले तिल और मख्खन समान मात्रा मे खाने से बवासिर खतम होती है !
और अधिक जानकारी के लिये हमारी पिछली पोस्ट पढे!
Not-
किसी भी ओषधि के सेवन से पूर्व किसी वैद या डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। सभी मनुष्य की शारीरिक प्रकृति अलग अलग होती है। और औषधि मनुष्य की प्रकृति के अनुसार दी जाती है यह वेबसाइट किसी को भी बिना सही जानकारी के औषधि सेवन की सलाह नही देती अतः बिना किसी वैद की सलाह के किसी भी दावाई का सेवन ना करें।
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